मांगी जानकारी नहीं दिए जाने जन सूचना अधिकारी को 10 हजार का अर्थ दंड
रायपुर
राज्य सूचना आयुक्त ने मुख्य अभियंता लोक निर्माण विभाग सेतु परिक्षेत्र रायपुर कार्यालय के पूर्व जन सूचना अधिकारी बी आर ठाकुर द्वारा आरटीआई कार्यकर्ता द्वारा सूचना के अधिकार के तहत जानकारी प्रदान करने के लिये आवदेन लगाया था लेकिन उन्हें कोई जानकारी उपलब्ध न कराये जाने पर उन्होंने राज्य सूचना आयुक्त कार्यालय में अपील की जिस पर सुनवाई करते हुए आयुक्त ने पूर्व जन सूचना अधिकारी पर दस हजार का अर्थ दंड लगाया है।
प्राप्त समाचारों के अनुसार मामला अंबिकापुर के रामानुजगंज का है। स्थानीय अधिवक्ता एवं आरटीआई कार्यकर्ता डी के सोनी ने सूचना के अधिकार के तहत जानकारी प्रदान करने का आवेदन प्रस्तुत कर कार्यालय से वाड्रफनगर जनकपुर बलंगी मार्ग के किलोमीटर 0 से 50 तक का दो लैन में चौड़ीकरण एवं उन्नयन कार्य एल.डब्लू.ई. प्रोजेक्ट के तहत जॉब नंबर एल.डब्ल्यू. ई./सी.एच.एच/09-10-27 के संबंध में जानकारी मांगी थी। जिसमें समयावधि में वांछित जानकारी प्राप्त न होने पर सोनी द्वारा प्रथम अपील 17 अक्टूबर 2013 को प्रथम अपीलीय अधिकारी के समक्ष प्रस्तुत की गई थी। जिसमें प्रथम अपीलीय अधिकारी द्वारा कोई निर्णय नहीं लेने के कारण आरटीआई कार्यकर्ता सोनी ने 31 जनवरी 2014 को धारा 18 के तहत राज्य सूचना आयोग में शिकायत प्रकरण क्रमांक सी/213/2014 प्रस्तुत किया गया था।
उक्त शिकायत आवेदन को राज्य सूचना आयोग ने पंजीबद्ध करते हुए जन सूचना अधिकारी कार्यालय कार्यपालन अभियंता लोक निर्माण विभाग भ/स रामानुजगंज को नोटिस जारी किया गया तथा वर्तमान जन सूचना अधिकारी बी0आर0ठाकुर जो वर्तमान में कार्यालय मुख्य अभियंता लोक निर्माण विभाग सेतु परिक्षेत्र रायपुर में पदस्थ है से जवाब मंगाया गया एवं विधिवत सुनवाई करते हुए 11 मार्च 2021 को शिकायत क्रमांक सी/213/ 2014 आदेश पारित करते हुए राज्य सूचना आयोग द्वारा बीआर ठाकुर तत्कालीन जन सूचना अधिकारी कार्यालय मुख्य अभियंता लोक निर्माण विभाग सेतु परिक्षेत्र रायपुर को 10000 रुपए का अर्थदंड लगाया गया एवं आदेश की प्रतिलिपि मुख्य अभियंता लोक निर्माण विभाग सेतु परिक्षेत्र रायपुर को आदेश करने का कंडिका 9 के पालन हेतु भेजी गई तथा मुख्य अभियंता लोक निर्माण विभाग सेतु परिक्षेत्र रायपुर अर्थदंड की राशि बआर ठाकुर से वसूल कर शासन के कोष में जमा करने का आदेश ए के अग्रवाल राज्य सूचना आयुक्त ने दिया।

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